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दी एस्कॉर्ट हार्ट -7- (सन मीट्स मदर)

पिछली कड़ी:- दी एस्कॉर्ट हार्ट -6- (विच रिटर्न्स एंड घोस्ट इज बैक)

अगली सुबह जैसे ही उसकी नींद खुली व अचंभित रह गया. उसके सामने एक आकृति मुस्कुराते हुए हवा में तैर रही थी. उसका दोस्त वापस लौट आया था उसके पास....“एस्कॉर्ट का भूत”.
“कैसे हो मेरे दोस्त?”-भुत ने इवांस को देख ख़ुशी प्रकट की.
“भूत!”-इवान्स प्रफुल्लित अपनी जगह से उठा, वो भूत को देखते ही परी, माँ, पिता सबसे जुडी समस्याएं उसके दिलो-दिमाग से छूमंतर हो गई.
“मैंने कहा था ना कि बहुत जल्दी वापस आऊंगा, क्यूंकि मेरे बिना तुम अधूरे हो”
“तुम्हे पता हैं, मेरे साथ क्या हुआ?”-इवान्स फिर से निराशा में डूब चूका था.
“मुझे पता हैं नहीं, मुझे पहले से ही पता था कि यह सब होने वाला हैं”-भूत ने अपना राज खोला.
“तो तुमने मुझे बताया क्यूँ नहीं?”-इवान्स चिल्लाया.
“अगर तुम्हे बता देता, तो भीं तुम कुछ नहीं कर सकते, जो होना हैं वो होकर रहेंगा....”-भूत ने शांत लहज़े से जवाब दिया.
“....और इतने से में तुम हिम्मत हार गए, अभी तो शुरुआत हैं मेरे दोस्त, बहुत कुछ होना बाकी हैं”
“बहुत कुछ क्या?”-इवान्स गुस्से में बोला.
“हर कदम पर तुम्हे अपनों से लड़ना हैं”

“अब और कितने अपनों से लड़ना हैं मुझें?”
“वक़्त आने पर सब पता चल जायेंगा”
“और वो वक़्त कब आयेंगा?”-इवान्स अपना धैर्य खोने लगा था.

दी एस्कॉर्ट हार्ट -6- (विच रिटर्न्स एंड घोस्ट इज बैक)

पिछली कड़ी:- दी एस्कॉर्ट हार्ट -5- (दी सीक्रेट)

“क्या इवान्स आपका बेटा हैं?”

“नहीं, वो तो मुझे जंगल में मिला था, यह बात इवान्स को नहीं पता हैं, लेकिन इसमें राज क्या हैं?”

“इवान्स तुम्हारा ही बेटा हैं, लेकिन रानी एंगेलिका का नहीं”

                      आधी रात होने वाली थी. इवान्स व रोजलीन एक-दुसरे की बाहों में हाथ डाले रात की शान्ति में सो रहे महल में घूम रहे थे. रोजलीन ने अपना सिर इवान्स के कंधे पर रख रखा था. आँखें अधखुली थी. हर रात की भांति इस रात को भी इवान्स को इंतज़ार था उस आवाज का, लेकिन आज कोई आवाज उसके कानों में दस्तक नहीं दे रही थी. काफी वक़्त बीत चूका था दोनों को घूमते-घूमते. आवाज न सुनाई देने की वजह से इवान्स को ख़ुशी होने की बजाय वो बैचैन होने लगा था. उसके कदम अनायास ही रुक गए. उसे एक अजीब बैचैनी महसूस हो रही थी. उसके थोडा आगे सामने खिड़की में हर रात को दिखने वाला उल्लू बैठा था. रोजलीन ने इवान्स के गाल पे एक चुम्बन दिया. लेकिन इससे इवान्स के हाव-भाव में कोई परिवर्तन नहीं आया, वो अभी भी बैचैन दिख रहा था. वो इधर-उधर अपनी नजरें दौड़ा रहा था, मानों कोई चीज़ उसे अपनी तरफ खींच रही हो. फिर रोजलीन ने उसके गर्दन पर एक चुम्बन दिया. फिर उसके गर्दन के होते उसके दिल पर.

                      और अगले ही पल रोजलीन ने अपना मुंह खोला, दो बड़े नुकीले दांत

दी एस्कॉर्ट हार्ट -5- (दी सीक्रेट)

पिछली कड़ी:- दी एस्कॉर्ट हार्ट -4- (डेथ एंड अलाइव)
इवान्स, रोजलीन की याद में काफी अकेला महसूस कर रहा था. उसने शिकार पर  जाना भी छोड़ दिया था. बस पुरे दिन उदास रोजलीन की याद में कमरे में अपने आप को बंद रखने लगा. साथ ही उसे एक बात यह भी परेशान कर रही थी की वो वापस जिंदा कैसे हो गया?.
        एक महिना बीत गया, रोजलीन की यादें धुंधली पड़ने लगी थी. एक दिन इवान्स को आलिना का ख्याल आया की वो जिंदा हैं या मर गयी. कहीं उसने तो उसे जिंदा नहीं किया वापस, क्यूंकि वो जादूगरनी थी. इवान्स निकल पड़ा जंगल में आलिना के घर की तरफ. घोड़े की रफ़्तार जितनी तेज़ हो सकती थी उतनी तेज़ रफ़्तार से. एकाएक उसने लगाम खिंच घोड़े को रोका. नदी किनारे एक लड़की बैठी थी, ठीक उसी जगह जहाँ उसने पहली बार रोजलीन को देखा था. घोड़े से उतरा. अनायास ही उसके होंठो से लफ्ज़ निकले....’रोजलीन”.
        लड़की ने पलट कर देखा वो रोजलीन ही थी. रोजलीन इवान्स को देखते ही उसकी तरफ भागी, लेकिन आज वो रोशनी से जगमगा न रही थी. इवान्स ख़ुशी-ख़ुशी रोजलीन की तरफ भागा. दोनों एक दुसरे से लिपट गये मानो बरसो बाद मिले हो.

मुझे पक्का यकीन था कि तुम जिंदा हो-रोजलीन हर्षित मन से बोली.
तुमने किया क्या मुझे जिंदा?

दी एस्कॉर्ट हार्ट -4- (डेथ एंड अलाइव)


पिछली कड़ी:- दी एस्कॉर्ट हार्ट -3-(गर्ल, वैम्पायर्स एंड घोस्ट अलविदा)

एक तीर इवान्स के दिल को चीरते आर-पार कर गया. कुछ पल इवान्स जहाँ था वहीँ रुक गया. दिल को आर-पार किये तीर पर दर्द भरी करहाती निगाहें डाली. इवान्स जमीन पर गिर पड़ा.             लड़की की निगाहें उसकी आँखों में अटकी ही रह गयी, उसका जगमगाना बंद हो गया, वो इवान्स की तरफ भागी. इवान्स ज़मीन पर तड़प रहा था. उसके पास पहुंचकर लड़की ने अपने कांपते हाथो से इवान्स के गालो को सहलाने लगी. इवान्स को तडपते देख वो रोने लगी. इवान्स अपनी आखिरी साँसे गिन रहा था. उसने अपनी आंख्ने बंद कर दी थी. उसकी धडकने धीरे से ही सही पर उल्टे पाँव लौट रही थी. अगले ही पल लड़की ने अपने आंसू पौंछे और इवान्स के दिल से तीर निकाल दिया. फिर उसके कपड़ो में कुछ ढूंढने लगी, उसे इवान्स की कमीज़ से एक खंजर मिला. बिना कुछ सोचे-समझे उसने खंजर से अपनी छाती पर वार किया, अपनी छाती के दिल वाले हिस्से के काटकर लड़की ने अपना दिल बाहर निकाला. उसे ज़रा-सा भी दर्द नहीं हुआ. ना ही वो विचलित हुईं. उसका दिल उसके हाथ में था फिर भी वो जिंदा थी. फिर अपना एक हाथ कटे छाती के हिस्से पर फेरा और उसकी छाती फिर से पहले जैसी हो गयी, मानो उसने उसे थोड़ी देर पहले काटा ही न हो. अगले पल उसने इवान्स के साथ भी कुछ ऐसा ही किया. खंजर से उसका सीना काट उसका दिल बाहर निकाला और अपना दिल उसके सीने में डाल दिया. उसके सीने पर उसने थोड़ी देर अपना हाथ फेरा, इवान्स का शरीर सामान्य हो गया. धडकनें दुबारा दौड़ने लगी. इवान्स
 ने अपनी आँखें खोल दी. लड़की ख़ुशी में फिर से जगमगाने लगी थी. चारो तरफ रोशनी ही रोशनी. इवान्स आश्र्यचकित निगाहों से उसे देखने लगा फिर उसने अपने सीने पे हाथ फेरा तो चौंकते हुए उठ बैठा.
कौन हो तुम?, मैं तो मरने वाला था, जिंदा कैसे हो गया?

दी एस्कॉर्ट हार्ट -3- (गर्ल, वैम्पायर्स एंड घोस्ट अलविदा)

पिछली कड़ी:- दी एस्कॉर्ट हार्ट -2- (दी मैजिशियन विच आलिना)


           हिरण इवान्स के पास खड़ा उसे घुर रहा था. तभी पास के कच्चे रास्ते पर पुरानी शाही घोड़ागाड़ी आ रही थी, जिसके आगे चार घोड़े बंधे थे और उसे खूबसूरत आलिना चला रही थी. आलिना को आते देख भूत को दुबारा गायब होना पड़ा. ज़मीन पर बेहोश पड़े इवान्स के पास आकर घोड़ागाड़ी रुकी. आलिना नीचे उतरकर पहले इवान्स के सीर पर हाथ फेरा, फिर हिरण की तरफ देखा.

बद्तमीज़, मार तो नहीं डाला मेरे राजकुमार को, चल भाग अब यहाँ से-चेहरे पर जबरदस्ती चिंता के भाव प्रकट करते हुए बोली.

इतना कहते ही हिरण वहाँ से भाग गया. आलिना ने घोड़ों की तरफ देखा और आँखों से जादू कर उन्हें इंसान बना दिया. उन चारो इंसानों ने इवान्स को उठाकर गाडी में रखा फिर से वापस घोड़े बन गये.  घोड़ागाड़ी चल पड़ी आलिना के घर की तरफ.

इवान्स पलंग पर बेहोश लेटा था. आलिना ने इवान्स को एक जादुई दवा पिलाई और उसे होश आ गया. अपने आप को अनजान जगह पर देख उठ बैठा, लेकिन उसका सिर अभी भी चकरा रहा था.

राजकुमार आप चिंता न करे, अब आप एकदम ठीक हैं

दी एस्कॉर्ट हार्ट -2- (दी मैजिशियन विच आलिना)


 
“तुम जाकर राज्य में ऐलान करो की राजा क्रिस्टन एस्कॉर्ट के राजकुमार के साथ आ रहे हैं”- नेफ्थन ने एक सिपाही को आदेश दिया. भूत मुस्कुराते हुए तालियां पीटने लगा. आदेश मिलते ही सिपाही घोड़े पे सवार राज्य की तरफ रवाना हुआ. राजा ने मासूम का माथा चूमा और उसे सीने से लगा दिया.
                     घोड़े पे सवार सिपाही पहाडियों से घिरे एस्कॉर्ट राज्य की तरफ बढ़ रहा था. कच्चे-पक्के मकान, बाजार, गलिया और अंत में क्रिस्टन का आलिशान राजमहल जो ऊँचे पहाड़ से सटा था. राज्य के दाहिनी तरफ घना जंगल था, तो बायीं तरफ खुला हरा-भरा मैदान. पहाड़ियों से घिरे एस्कॉर्ट में प्रवेश करने के तीन दरवाजे थे. एक मुख्य दरवाजा ठीक सिपाही के सामने था, दुसरा दरवाजा दाहिनी तरफ जंगल की ओर था शिकार खेलने करने के लिए तो तीसरा दरवाजा बायीं तरफ मैदान की ओर बहादुरी और कुर्बानी का खेल खेलने के लिए. तीनों दरवाजे सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद बंद रहते थे. चारो तरफ की पहाड़ियाँ एस्कॉर्ट को महफूज़ रखने के लिए काफी थी, लेकिन राजा क्रिस्टन ने पहाड़ियों पर भी सैनिकों की टुकडियो से लैस चौकिया बना रखी थी, जो हर 50 फीट पर मौजूद थी.

                     घोड़े पे सवार सिपाही राज्य के मुख्य दरवाजे से प्रवेश करते जोर से चिल्लाना शुरू किया. “सुनिए, सुनिए, सुनिए....” सब लोग अपने काम से ध्यान से हटा सिपाही की तरफ देखने लगे.

“एस्कॉर्ट राज्य के लिए खुशखबरी की बात हैं, राजा को जंगल में एक 10 महीने का बच्चा मिला हैं, उन्होंने उसे गोद लेने का ऐलान किया हैं, वो बच्चा होगा एस्कॉर्ट का भावी राजकुमार, एस्कॉर्ट का उत्तराधिकारी”
 

सब लोगो के चेहरे पर ख़ुशी व आश्चर्य के मिलेजुले भाव थे. सब एक-दुसरे का मुंह देख रहे थे.

“क्या भविष्यवाणी सच हो गई?”

दी एस्कॉर्ट हार्ट - 1 - (चाइल्ड इन दी जंगल)


बरसो पुरानी बात हैं सरफरा नाम की एक घुमक्कड़ जाती हुआ करती थी, बिना वजूद के 200 लोगो का समूह जंगल दर जंगल भटकता रहता था. उनका सरदार था ‘उर्वियश’. एक बार किसी जंगल में फैली महामारी ने सरफरा समूह के आधे से ज्यादा लोगों को अपनी चपेट में ले लिया. हताश-निराश उर्वियश को एहसास हुआ की उनका कोई वजूद नहीं हैं और वजूद की तलाश में अपने बाकी बचे काफिले को जंगल में अकेला छोड़ ‘कास्टरिका’ पहुँचा. कास्टरिका के राजा ‘जेसपन’ व प्रजा के बीच का अटूट प्रेम हर राजा व उस राजा की प्रजा के लिए एक मिसाल था.  उर्वियश ने राजा ‘जेसपन’ से भेंट की, उसके अलग बेबाक अंदाज़ से खुश होकर राजा ने उसे राजमहल में काम पर रख दिया. महल में काम के साथ-साथ उर्वियश ने अपने काफिले का पूरा ध्यान रखा, जरूरत के हिसाब से उन्हें खाना-कपड़े पहुँचाता रहता था. धीरे-धीरे काफी वक़्त बीतता गया और एक दिन उर्वियश की वफादारी-बहादुरी से खुश होकर राजा जेसपन ने उसे कास्टरिका की सेना का सेनापति नियुक्त कर दिया. राजा जेसपन की ज़िन्दगी की यह सबसे बड़ी गलती थी. एक रात मौका पाकर उर्वियश ने जेसपन को मौत के घाट उतार दिया. कहा जाता हैं राजा की हत्या के बाद प्रजा इतनी रोयी की कास्टरिका के जंगल के मुहाने पे जो नदी बहती हैं वो उस प्रजा के आंसुओ से बनी थी. जेसपन की हत्या के बाद उर्वियश ने सरफरा जाति को वजूद दिलाया और उर्वियश बन गया कास्टरिका का नया राजा, लेकिन प्रजा ने कसम खा ली कि जेसपन के बाद किसी को भी अपना राजा स्वीकार नहीं करेंगी. उर्वियश ने रानी ‘पोलानी’ से जबरदस्ती ब्याह रचाया और जिससे उसके तीन बेटे हुए- ‘एगवर’, ‘गोटान’ और ‘क्रिस्टन’. राजा उर्वियश ने अपने पडौसी राज्य ‘रोजर्ग’ और ‘क्रासी’ के राजाओं को युद्ध में हरा उन पर कब्ज़ा कर दिया और तीनो राज्यों का एकलौता राजा बना.


       दुनिया को अलविदा कहने से पहले उर्वियश ने अपने राज्य अपने तीनो बेटों में बाँट दिए. सबसे बड़े बेटे एगवर को राजर्ग का राजा बना दिया, गोटान को क्रासी का और छोटे बेटे क्रिस्टन को कास्टरिका का. तीनो भाइयों में बिल्कुल भी नहीं बनती थी, सब एक-दुसरे की जान के दुश्मन बने